अक्षय की "अक्षय" यात्राएँ

हमारी प्रेरणा भास्कर है जिनका रथ सतत् चलता.... युगों से कार्यरत है जो सनातन है प्रबल उर्जा... गति मेरा धरम है जो भ्रमण करना भ्रमण करना.... यही तो मन्त्र है अपना, शुभंकर मन्त्र है अपना...

Wednesday, 24 October 2018

चल भोले के पास...चल किन्नर कैलाश....भूमिका

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शिव , एक ऐसे देव जिनका सनातन परंपरा में अहम स्थान है। त्रिदेवो में तो इनका नाम है ही, साथ में उन्हें देवों के देव महादेव के नाम से भी ...
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Sunday, 30 September 2018

जीत कर भी मिली हार....यही है चूड़धार... अंतिम भाग

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दिनांक- 6 फरवरी 2017 गतांक से आगे..                  पंजीरी की लिफाफा खोला ही था कि अचानक से.......भालू की आवाज सुनाई पड़ी। ये स्पष्ट थ...
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Saturday, 22 September 2018

जीत कर भी मिली हार....यही है चूड़धार... भाग-5

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गतांक से आगे.. दिनांक- 6 फरवरी 2017 लेख के पिछले भाग  में आपने पढ़ा कि सुबह चूड़धार जाने की प्रतिज्ञा करके मैं सो गया था। पूरी र...
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धरतीपुत्र
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